Types of Virtualization in Cloud Computing
Types of Virtualization in Cloud Computing
क्लाउड कंप्यूटिंग में वर्चुअलाइजेशन का मतलब है एक ही फिजिकल सिस्टम को कई वर्चुअल हिस्सों में बांटना ताकि एक ही मशीन पर कई सिस्टम या सेवाएं चल सकें।
सरल शब्दों में, वर्चुअलाइजेशन से हम एक कंप्यूटर को कई छोटे-छोटे वर्चुअल कंप्यूटर की तरह उपयोग कर सकते हैं।
1. Hypervisor Virtualization (हाइपरवाइज़र वर्चुअलाइजेशन)
इसमें एक खास सॉफ्टवेयर होता है जिसे हाइपरवाइज़र कहते हैं। यह एक ही हार्डवेयर पर कई वर्चुअल मशीन (VM) चलाने में मदद करता है।
हर वर्चुअल मशीन अपने आप में एक अलग कंप्यूटर की तरह काम करती है।
2. Network Virtualization (नेटवर्क वर्चुअलाइजेशन)
इसमें एक फिजिकल नेटवर्क को कई वर्चुअल नेटवर्क में बांटा जाता है।
इससे अलग-अलग यूजर या एप्लिकेशन को अलग नेटवर्क मिल सकता है, जिससे सुरक्षा और मैनेजमेंट आसान हो जाता है।
3. Storage Virtualization (स्टोरेज वर्चुअलाइजेशन)
इसमें अलग-अलग स्टोरेज डिवाइस को जोड़कर एक बड़ा वर्चुअल स्टोरेज बनाया जाता है।
यूजर को ऐसा लगता है कि सारा डेटा एक ही जगह पर रखा है, जबकि असल में वह अलग-अलग जगह पर हो सकता है।
4. Application Virtualization (एप्लिकेशन वर्चुअलाइजेशन)
इसमें एप्लिकेशन को सीधे सिस्टम पर इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होती।
एप्लिकेशन को वर्चुअल तरीके से चलाया जाता है, जिससे उसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है।
5. Desktop Virtualization (डेस्कटॉप वर्चुअलाइजेशन)
इसमें पूरा डेस्कटॉप (जैसे Windows) वर्चुअल रूप में सर्वर पर चलता है।
यूजर इसे इंटरनेट के माध्यम से कहीं से भी एक्सेस कर सकता है।