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Akarmak Kriya Kise Kahate Hain (अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं)

अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं (Akarmak Kriya Kise Kahate Hain)

हिंदी व्याकरण में क्रिया वह शब्द होता है जो किसी कार्य के होने, करने या अवस्था को बताता है। जैसे – चलना, सोना, हँसना, खेलना आदि।

क्रियाओं को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है –

  • सकर्मक क्रिया
  • अकर्मक क्रिया

इनमें से अकर्मक क्रिया वह क्रिया होती है जिसमें कार्य का प्रभाव किसी अन्य वस्तु या व्यक्ति पर नहीं पड़ता। अर्थात वाक्य में क्रिया को पूरा करने के लिए किसी कर्म (Object) की आवश्यकता नहीं होती।

उदाहरण – राम सोता है।

इस वाक्य में “सोता है” क्रिया है और इसे पूरा करने के लिए किसी कर्म की आवश्यकता नहीं है, इसलिए यह अकर्मक क्रिया है।

अकर्मक क्रिया की परिभाषा

जिस क्रिया में कार्य का प्रभाव किसी कर्म पर नहीं पड़ता और वाक्य को पूरा करने के लिए किसी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहा जाता है।

सरल शब्दों में – ऐसी क्रिया जिसमें केवल कर्ता ही कार्य करता है और कार्य किसी अन्य पर नहीं पड़ता, वह अकर्मक क्रिया होती है।

उदाहरण –

  • बच्चा हँसता है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • लड़का दौड़ता है।

इन वाक्यों में क्रिया का प्रभाव किसी अन्य वस्तु पर नहीं पड़ रहा, इसलिए ये सभी अकर्मक क्रिया के उदाहरण हैं।


अकर्मक क्रिया के भेद

अकर्मक क्रिया को सामान्य रूप से दो प्रकारों में बाँटा जाता है –

1. पूर्ण अकर्मक क्रिया

जिस क्रिया में किसी भी प्रकार के कर्म की आवश्यकता नहीं होती, उसे पूर्ण अकर्मक क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण –

  • बच्चा सोता है।
  • सूरज उगता है।
  • पानी बहता है।

2. अपूर्ण अकर्मक क्रिया

जिस क्रिया में वाक्य का अर्थ पूरा करने के लिए किसी पूरक शब्द की आवश्यकता होती है, उसे अपूर्ण अकर्मक क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण –

  • राम खुश है।
  • वह बीमार है।
  • आकाश नीला है।

अकर्मक क्रिया के उदाहरण (Akarmak Kriya Ke Udaharan)

आपका अगला टॉपिक पढ़े सकर्मक क्रिया (उदाहरण: खाना, पढ़ना)

अकर्मक क्रिया के कुछ सामान्य उदाहरण नीचे दिए गए हैं –

  • बच्चा खेलता है।
  • लड़का चलता है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • लड़की हँसती है।
  • राम सोता है।

इन सभी वाक्यों में क्रिया का प्रभाव किसी अन्य वस्तु पर नहीं पड़ रहा, इसलिए ये अकर्मक क्रिया के उदाहरण हैं।

10 Examples of Akarmak Kriya in Hindi

आपका अगला टॉपिक पढ़े द्विकर्मक क्रिया (उदाहरण: देना, बताना)

अकर्मक क्रिया को समझने के लिए नीचे अकर्मक क्रिया के 10 उदाहरण दिए गए हैं –

  • लड़का दौड़ता है।
  • बच्चा रोता है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • सूरज निकलता है।
  • राम हँसता है।
  • बिल्ली सोती है।
  • पानी बहता है।
  • लड़की नाचती है।
  • आदमी चलता है।
  • घोड़ा दौड़ता है।

अकर्मक क्रिया के 50 उदाहरण

  • राम चलता है।
  • सीता हँसती है।
  • बच्चा रोता है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • सूरज निकलता है।
  • चाँद चमकता है।
  • पानी बहता है।
  • लड़का दौड़ता है।
  • लड़की नाचती है।
  • घोड़ा दौड़ता है।
  • कुत्ता भौंकता है।
  • बिल्ली सोती है।
  • आदमी चलता है।
  • बच्चा हँसता है।
  • राम जागता है।
  • सीता बैठती है।
  • पेड़ बढ़ता है।
  • फूल खिलता है।
  • सूरज डूबता है।
  • पक्षी बैठता है।
  • लड़का गिरता है।
  • बच्चा कूदता है।
  • आदमी सोता है।
  • लड़की मुस्कुराती है।
  • राम उठता है।
  • सीता आती है।
  • बच्चा भागता है।
  • कुत्ता दौड़ता है।
  • बिल्ली कूदती है।
  • पानी गिरता है।
  • पेड़ हिलता है।
  • घोड़ा चलता है।
  • लड़का बैठता है।
  • बच्चा चलता है।
  • पक्षी बैठता है।
  • लड़की हँसती है।
  • राम दौड़ता है।
  • सीता मुस्कुराती है।
  • सूरज चमकता है।
  • चाँद निकलता है।
  • बच्चा जागता है।
  • लड़का कूदता है।
  • लड़की चलती है।
  • आदमी उठता है।
  • घोड़ा भागता है।
  • कुत्ता बैठता है।
  • बिल्ली भागती है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • फूल खिलता है।
  • पेड़ बढ़ता है।

सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर

सकर्मक और अकर्मक क्रिया दोनों ही हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण भाग हैं, लेकिन इन दोनों के अर्थ और प्रयोग में अंतर होता है।

सकर्मक क्रिया अकर्मक क्रिया
जिस क्रिया में कर्म की आवश्यकता होती है। जिस क्रिया में कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर पड़ता है। क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर नहीं पड़ता।
उदाहरण – राम किताब पढ़ता है उदाहरण – राम सोता है

FAQ (Frequently Asked Questions)

जिस क्रिया में कार्य का प्रभाव किसी कर्म (Object) पर नहीं पड़ता और वाक्य को पूरा करने के लिए किसी वस्तु या व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती, उसे अकर्मक क्रिया कहा जाता है।

उदाहरण – राम सोता है
अकर्मक क्रिया की पहचान करने के लिए यह देखा जाता है कि क्या क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर पड़ रहा है या नहीं। यदि वाक्य में कर्म की आवश्यकता नहीं होती, तो वह क्रिया अकर्मक क्रिया होती है।
अकर्मक क्रिया के कुछ सरल उदाहरण –
  • राम सोता है।
  • पक्षी उड़ता है।
  • बच्चा हँसता है।
  • लड़का दौड़ता है।
  • फूल खिलता है।
इन वाक्यों में क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर नहीं पड़ता।
अकर्मक क्रिया के मुख्य रूप से दो भेद माने जाते हैं –
  • पूर्ण अकर्मक क्रिया
  • अपूर्ण अकर्मक क्रिया
पूर्ण अकर्मक क्रिया में किसी पूरक की आवश्यकता नहीं होती, जबकि अपूर्ण अकर्मक क्रिया में वाक्य का अर्थ पूरा करने के लिए पूरक शब्द की आवश्यकता होती है।
सकर्मक क्रिया में क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर पड़ता है, जबकि अकर्मक क्रिया में क्रिया का प्रभाव किसी वस्तु पर नहीं पड़ता।

उदाहरण –
  • राम किताब पढ़ता है। (सकर्मक क्रिया)
  • राम सोता है। (अकर्मक क्रिया)