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भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं - Bhav Vachak Sangya Kise Kahate Hain

Table of Contents

भाववाचक संज्ञा क्या है | BhavVachak Sangya in Hindi(परिभाषा,प्रकार,उदाहरण)

हिंदी व्याकरण में संज्ञा (Noun) का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। संज्ञा के कई प्रकार होते हैं, जिनमें से एक है भाववाचक संज्ञा। यह विषय स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, UPSC, SSC, Railway, State PSC) में बार-बार पूछा जाता है। इसलिए इसे अच्छे से समझना जरूरी है।


भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं (Bhav Vachak Sangya Kise Kahate Hain)

जब किसी शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, अवस्था, भाव या स्थिति का बोध होता है, तब उसे भाववाचक संज्ञा कहा जाता है।

सरल शब्दों में समझें तो जो चीजें हम देख नहीं सकते, छू नहीं सकते, लेकिन केवल महसूस कर सकते हैं, वे भाववाचक संज्ञा होती हैं।

जैसे — प्रेम, दुख, खुशी, बचपन, ईमानदारी आदि।

इन शब्दों में कोई व्यक्ति या वस्तु नहीं है, बल्कि उनके भाव या गुण को दर्शाया गया है।

Exam Tip: “जो दिखाई न दे, केवल महसूस हो = भाववाचक संज्ञा”


भाववाचक संज्ञा की परिभाषा (Bhavvachak Sangya ki Paribhasha)

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परिभाषा: जिस संज्ञा से किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, भाव, अवस्था या दशा का बोध हो, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

यह परिभाषा परीक्षा में लिखने के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।

उदाहरण:

  • प्रेम → प्रेम एक भावना है
  • दुख → दुख एक अवस्था है
  • सुंदरता → यह एक गुण है
  • बचपन → यह जीवन की अवस्था है

इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि भाववाचक संज्ञा हमेशा किसी अमूर्त (Abstract) चीज को दर्शाती है।


भाववाचक संज्ञा के प्रकार (Bhav Vachak Sangya ke Prakar)

आपका अगला टॉपिक पढ़े सर्वनाम की परिभाषा

भाववाचक संज्ञा को उसके निर्माण (formation) के आधार पर कई प्रकारों में बाँटा जा सकता है:

1. गुण से बनी भाववाचक संज्ञा

जब किसी गुण से भाववाचक संज्ञा बनती है।

  • अच्छा → अच्छाई
  • मीठा → मिठास
  • सच्चा → सच्चाई

2. क्रिया से बनी भाववाचक संज्ञा

जब किसी क्रिया (verb) से भाववाचक संज्ञा बनती है।

  • चलना → चलना (क्रिया) → चलन (भाव)
  • हँसना → हँसी
  • जीना → जीवन

3. संज्ञा से बनी भाववाचक संज्ञा

जब किसी संज्ञा से भाववाचक संज्ञा बनती है।

  • बालक → बालपन
  • राजा → राजत्व
  • मित्र → मित्रता

इन प्रकारों को समझना परीक्षा के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि कई बार पूछा जाता है कि “यह शब्द किससे बना है?”


भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण वाक्य

  • उसके हृदय में प्रेम भरा हुआ है।
  • मुझे तुम्हारी ईमानदारी बहुत पसंद है।
  • उसकी बहादुरी ने सबको प्रभावित किया।
  • जीवन में सुख और दुख दोनों आते हैं।
  • उसकी मित्रता सच्ची है।
  • बचपन की मासूमियत सबसे सुंदर होती है।
  • उसके चेहरे पर खुशी झलक रही है।
  • हमें हमेशा सत्य का साथ देना चाहिए।
  • उसकी सरलता सभी को पसंद आती है।
  • हमें धैर्य से काम लेना चाहिए।

भाववाचक संज्ञा के 20 उदाहरण

  • प्रेम
  • घृणा
  • खुशी
  • दुख
  • साहस
  • ईमानदारी
  • मित्रता
  • बचपन
  • सुंदरता
  • मिठास
  • धैर्य
  • क्रोध
  • आनंद
  • दया
  • क्षमा
  • गरीबी
  • अमीरपन
  • ज्ञान
  • शक्ति
  • स्वतंत्रता

भाववाचक संज्ञा के 100 उदाहरण

  • प्रेम
  • घृणा
  • खुशी
  • दुख
  • आनंद
  • क्रोध
  • दया
  • क्षमा
  • साहस
  • धैर्य
  • ईमानदारी
  • बेईमानी
  • मित्रता
  • शत्रुता
  • सुंदरता
  • कुरूपता
  • मिठास
  • कड़वाहट
  • बचपन
  • जवानी
  • बुढ़ापा
  • ज्ञान
  • अज्ञान
  • शक्ति
  • कमजोरी
  • स्वतंत्रता
  • गुलामी
  • सफलता
  • असफलता
  • आशा
  • निराशा
  • विश्वास
  • अविश्वास
  • सम्मान
  • अपमान
  • गरीबी
  • अमीरी
  • लालच
  • संतोष
  • शांति
  • अशांति
  • सत्य
  • असत्य
  • न्याय
  • अन्याय
  • भय
  • निर्भयता
  • पवित्रता
  • अपवित्रता
  • सजावट
  • स्वच्छता
  • गंदगी
  • उत्साह
  • आलस्य
  • परिश्रम
  • थकान
  • जिम्मेदारी
  • लापरवाही
  • आदर
  • अनादर
  • ममता
  • करुणा
  • उदारता
  • कंजूसी
  • वफादारी
  • विश्वसनीयता
  • धोखा
  • प्रसन्नता
  • चिंता
  • उदासी
  • उत्कंठा
  • स्मृति
  • विस्मृति
  • आदत
  • स्वभाव
  • व्यवहार
  • बुद्धिमत्ता
  • मूर्खता
  • तेज
  • धीमापन
  • उन्नति
  • पतन
  • प्रगति
  • विकास
  • हानि
  • लाभ
  • जीवन
  • मृत्यु
  • प्रेरणा
  • कल्पना
  • सृजन
  • विनाश
  • ताजगी
  • पुरानापन
  • संतुलन
  • असंतुलन
  • उत्कृष्टता
  • हीनता

विशेषण से भाववाचक संज्ञा बनाना (Formation from Adjectives)

भाववाचक संज्ञा बनाने का सबसे सामान्य तरीका है — विशेषण (Adjective) से संज्ञा बनाना

इसमें विशेषण शब्द के साथ कुछ प्रत्यय (suffix) जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई जाती है।

मुख्य प्रत्यय:

  • –ता → सुंदर → सुंदरता
  • –पन → बचपन, छोटापन
  • –ई → सच्चा → सच्चाई
  • –आस → मीठा → मिठास

यह प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि exam में transformation-based questions पूछे जाते हैं।

Example समझें:

  • ईमानदार → ईमानदारी
  • कठिन → कठिनाई
  • सरल → सरलता

इन उदाहरणों में विशेषण को भाव (abstract form) में बदल दिया गया है।


भाववाचक संज्ञा के उदाहरण (Bhav Vachak Sangya ke Udaharan)

नीचे कुछ महत्वपूर्ण और परीक्षा में पूछे जाने वाले उदाहरण दिए गए हैं:

  • प्रेम
  • घृणा
  • खुशी
  • दुख
  • साहस
  • ईमानदारी
  • मित्रता
  • बचपन
  • सुंदरता
  • मिठास

इन सभी उदाहरणों में कोई ठोस वस्तु नहीं है, बल्कि भाव या गुण व्यक्त किया गया है।


Exam Oriented Quick Revision

  • भाववाचक संज्ञा = जो केवल महसूस हो
  • मुख्य बिंदु → भाव, गुण, अवस्था
  • प्रकार → गुण, क्रिया, संज्ञा से बने
  • प्रत्यय → ता, पन, ई, आस

निष्कर्ष (Conclusion)

भाववाचक संज्ञा हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो भाषा को गहराई और अभिव्यक्ति प्रदान करता है। यह हमें केवल वस्तुओं के नाम ही नहीं, बल्कि उनके भाव और गुणों को भी समझने में मदद करता है।

यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इस टॉपिक को अच्छे से समझना और उदाहरणों के साथ अभ्यास करना बहुत जरूरी है।

FAQ

जो संज्ञा किसी भाव, गुण, अवस्था या विचार को प्रकट करती है, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे — प्रेम, खुशी, दुख, ईमानदारी आदि।
जिस संज्ञा से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, अवस्था, भाव या क्रिया का बोध होता है, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
प्रेम, घृणा, मित्रता, सच्चाई, अच्छाई, बुराई, दुख, सुख, क्रोध, दया आदि भाववाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।
भाववाचक संज्ञा मुख्य रूप से तीन प्रकार की मानी जाती है — गुण से बनी, क्रिया से बनी और अवस्था से बनी भाववाचक संज्ञा।
विशेषण में प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई जाती है। जैसे — अच्छा → अच्छाई, मीठा → मिठास, सच्चा → सच्चाई।
नहीं, भाववाचक संज्ञा को देखा या छुआ नहीं जा सकता, बल्कि इसे केवल महसूस किया जा सकता है।
भाववाचक संज्ञा का उपयोग भावनाओं, गुणों और अवस्थाओं को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, जिससे भाषा अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनती है।